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महिला चिकित्साल में दो घंटे हड़ताल पर रहे डाक्टर, गिरफ्तारी की मांग

बस्ती । महिला चिकित्सालय में एक प्रसूता की मौत और परिजनों द्वारा डाक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हाथा पाई के विरोध में डाक्टरों ने   बुधवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। डाक्टरों की हड़ताल के कारण अनेक मरीज मायूस होकर घरों को लौट गये।
प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले हड़ताली चिकित्सकों में मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. गणेश यादव, डा. सुधांशु द्विवेदी, डा. अल्का शुक्ल, डा. सीमा चौधरी, डा. ममता रानी, डा. शबनम, डा. तैय्यब अंसारी, डा. पी.के. श्रीवास्तव, डा. जी.एम. शुक्ल, डा. बी.के. मिश्र, डा. सुनील तिवारी, डा. अनिल कुमार श्रीवास्तव, डा. नवीन श्रीवास्तव, डा. राम प्रकाश पासवान, डा. पी.के. श्रीवास्तव, डा. अवधेश चौबे आदि शामिल रहे।
हड़ताली चिकित्सकों प्रसूता की मौत पर विवाद खड़ा करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग किया।
डाक्टरों की हड़ताल के कारण दवाओं का वितरण, पैथालाजी जांच आदि प्रभावित रहा।
ज्ञात रहे कि गत 7 अप्रैल की रात्रि में सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा पी.एच.सी. क्षेत्र स्थित पतिला गांव की विभा सिंह पत्नी चौधरी अभिनन्दन सिंह को लाया गया था। विभा सिंह की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने डाक्टर व लेबर रूम के कर्मचारियों को बंधक बना लिया था।  मौके पर पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पाण्डेय के पहुंचने पर भी बंधक बनाये गये डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी छोड़े गये थे।
इसी क्रम में राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री शिवशंकर कुमार ‘पप्पू’ ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ पहुंचकर चिकित्सकों के हड़ताल का समर्थन किया। कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों, राज्य कर्मचारियों का उत्पीड़न किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

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